
उस की मधुर आवाज ने मयंक के शब्दों को रोक दिया ।
वह उस के पास गई और उस के हाथों को अपने हाथ में ले लिया, वह मासूम और प्यारी लग रही थी ।
" नहीं युविका मैं तुम से feelings रखता हूँ । इसी लिए तो वृद्धि के बाद तुम्हारे साथ हूँ ।" मयंक ने उस की ओर प्यार भरी मुस्कान दिखाते हुए कहा ।
वृद्धि वहीं खड़ी रही और उन की प्रेम पूर्ण बातचीत को देखती रही । उस के होंठ अभी भी एक सुंदर मुस्कान में मुड़े हुए थे ।
कुछ देर तक एक दूसरे के साथ फ़्लर्ट करने के बाद, युविका को आखिर कार वृद्धि का अस्तित्व याद आ गया । उस ने पूछा, "welcome बैक वृद्धि । मुझे तुम्हारी बहुत याद आई । अगर मैंने तुम्हारे साथ ऐसा नहीं किया होता तो... खैर, मेरी गलती नहीं है । गलती तुम्हारी है । तुम्हें अपने बॉयफ्रेंड की needs पूरी करनी चाहिए थी । जो तुम ने नहीं की इस लिए मुझे नहीं लगता कि अब तुम मयंक के करीब आ पाओगी ।"
“मुझे किसी के करीब जाने की जरूरत नहीं है you fkking idiot ! अंधी कहीं की ।” ,ये बोल कर वो अपनी बेटी के साथ कमरे में चली गई ।




















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